Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 298 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 298

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 298
Shloka
चारेणोत्साहयोगेन क्रिययैव च कर्मणाम्। स्वशक्तिं परशक्तिं च नित्यं विद्यान्महीपतिः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(चारेण) गुप्तचरों से (उत्साहयोगेन) सेना के उत्साह सम्बन्ध से (च) और (कर्मणां क्रियया) राज्यशक्ति वर्धक नये-नये कार्यों के करने से (महीपतिः) राजा (स्वशक्ति च परशक्ति नित्यं विद्यात्) अपनी शक्ति और शत्रु की शक्ति की सदा जानकारी रखे॥२९८॥