Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 289 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 289

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
9/289
Adhyay 9 Shloka 289
Shloka
प्राकारस्य च भेत्तारं परिखाणां च पूरकम्। द्वाराणां चैव भङ्क्तारं क्षिप्रं एव प्रवासयेत्॥

Bhashya

Meaning
राजा (प्राकारस्य भेत्तारम्) नगर के परकोटे को तोड़ने वाले (च) और (परिखाणां पूरकम्) नगर के चारों ओर की खाई को भरने वाले (च) तथा (द्वाराणां भक्तारम्) नगर-द्वारों को तोड़ने वाले व्यक्ति को (क्षिप्रम+एव प्रवासयेत्) तुरन्त देशनिकाला दे दे॥२८९॥