Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 279 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 279

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 279
Shloka
तडागभेदकं हन्यादप्सु शुद्धवधेन वा। यद्वापि प्रतिसंस्कुर्याद्दाप्यस्तूत्तमसाहसम्॥

Bhashya

Meaning
राजा (तडागभेदकं हन्यांत्) तालाब आदि को तोड़ने वालों का वध करे (वा) अथवा (अप्सु शुद्धवचेन) जल में डुबोकर या साधारण तरीके से मारे (यद् वा + अपि) यदि (प्रतिसंस्कुर्यात्) तोड़े हुए को पुनः ठीक करवा दे तो (उत्तमसाहसं दाप्यः) 'उत्तमसाहस' का दण्ड [८ १३८] करे॥२७९॥