Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 277 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 277

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 277
Shloka
अङ्गुलीर्ग्रन्थिभेदस्य छेदयेत्प्रथमे ग्रहे। द्वितीये हस्तचरणौ तृतीये वधं अर्हति॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
राजा (ग्रन्थिभेदस्य) जेवकतरे चोर की (प्रथमे ग्रहे) पहली बार पकड़े जाने पर (अङ्ग ली: छेदयेत्) अंगुलियां कटवादे (द्वितीये हस्तचरणो) दूसरी बार पकड़े जाने पर हाथ-पैर कटवादे (तृतीये वधम् + अर्हति) तीसरी बार पकड़े जाने पर वध कर दे ॥२७७॥