Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 270 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 270

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 270
Shloka
न होढेन विना चौरं घातयेद्धार्मिको नृपः। सहोढं सोपकरणं घातयेदविचारयन्॥

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Meaning
(धार्मिक: नृपः) धार्मिक राजा (होढेन विना) चोरी का माल आदि प्रमाण के बिना (चौरं न घातयेत्) चोर को न मारे, किन्तु (सहोढं स + उपकरणम्) चोरी का माल और सेंध मारने आदि के औजार आदि प्रमाण उपलब्ध होने पर (अविचारयन् घातयेत्) अवश्य दण्डित करे ॥२७०॥