Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 262 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 262

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 262
Shloka
तेषां दोषानभिख्याप्य स्वे स्वे कर्मणि तत्त्वतः। कुर्वीत शासनं राजा सम्यक्सारापराधतः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(राजा) राजा (स्वे स्वे कर्मरिण तत्त्वतः तेषां दोषान् + अभिख्याप्य) जोजो उन्होंने बुरा काम किया है भलीभांति उनके दोषों की घोषणा करके (सारअपराधतः) वल और अपराध के अनुसार (सम्यक् शासनं कुर्वीत) न्यायोचित दण्ड से दण्डित करे॥२६२॥