Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 261 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 261

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 261
Shloka
तान्विदित्वा सुचरितैर्गूढैस्तत्कर्मकारिभिः। चारैश्चानेकसंस्थानैः प्रोत्साद्य वशं आनयेत्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(तत् कर्मकारिभिः) जिस विषय में जानकारी प्राप्त करनी है वैसा ही कर्म करने में चतुर, (गूढै:) गुप्त रहने वाले (सुचरित:) अच्छे आचरण वाले, (अनेक संस्थान :) अनेक स्थानों में नियुक्त (चारैः) गुप्तचरों के द्वारा (तान् विदित्वा) उन ठगों या लोककण्टकों को मालूम करके (च) ग्रौर फिर (प्रोत्साद्य) उन्हें पकड़कर (वशम् + नयेत्) अपने वश में करे - कारागृह में रखे॥२६१॥