Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 256 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 256

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 256
Shloka
द्विविधांस्तस्करान्विद्यात्परद्रव्यापहारकान्। प्रकाशांश्चाप्रकाशांश्च चारचक्षुर्महीपतिः॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(चारचक्षुः महीपतिः) गुप्तचर ही हैं नेत्र जिसके अर्थात् गुप्तचरों के द्वारा सब काम देखने वाला राजा (प्रकाशान् च+अप्रकाशान् परद्रव्य + अपहारकान्) प्रकट और गुप्त रूप से दूसरों के द्रव्यों को चुराने वाले (द्विविधान् तस्करान् विद्यात्) दोनों प्रकार के चोरों की जानकारी रखे ॥२५६॥