Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 252 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 252

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 252
Shloka
सम्यङ्निविष्टदेशस्तु कृतदुर्गश्च शास्त्रतः। कण्टकोद्धरणे नित्यं आतिष्ठेद्यत्नं उत्तमम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(सम्यक् निविष्टदेश:) अच्छे सस्यादिसम्पन्न देश का आश्रय करके (च) और वहां (शास्त्रतः कृतदुर्ग:) शास्त्रानुसार विधि [७ । ६६] से किला बनाकर राजा (कण्टकोद्धरणे) अपने राज्य से कंटकों- 'प्रजा या शासन को पीड़ित करने वाले लोगों को दूर करने में (नित्यम् उत्तमं यत्नम् + प्रतिष्ठेत्) सदा अधिकाधिक यत्न करे॥२५२॥