Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 234 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 234

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 234
Shloka
अमात्याः प्राड्विवाको वा यत्कुर्युः कार्यं अन्यथा। तत्स्वयं नृपतिः कुर्यात्तान्सहस्रं च दण्डयेत्॥

Bhashya

Meaning
(अमात्याः वा प्राविवाक:) मन्त्री अथवा न्यायाधीश (यत् कार्यम् + अन्यथा कुर्यु :) जिस मुकद्दमे के निर्णय को गलत या अन्यायपूर्वक कर दें तो (तत्) उस मुकद्दमे के निर्णय को (नृपतिः) राजा (स्वयं कुर्यात्) स्वयं करे (च) और (तान्) अन्यायपूर्वक निर्णय करने वाले उन अधिकारियों को (सहस्र दण्डयेत्) एक हजार पण [८ | १३६] दण्ड से दण्डित करे॥२३४॥