Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 226 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 226

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 226
Shloka
एते राष्ट्रे वर्तमाना राज्ञः प्रछन्नतस्कराः। विकर्मक्रियया नित्यं बाधन्ते भद्रिकाः प्रजाः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(एते प्रच्छन्नतस्कराः) ये [६ | २२५] छुपे हुए तस्कर = चोर (राष्ट्र वर्तमानाः) राज्य में रहकर (विकर्मक्रियया) गलत और बुरे कामों को करकरके (नित्यम्) सदा (राज्ञः) राजा और (भद्रिका : प्रजाः) सज्जन प्रजाओं को (बाधन्ते) दुःख पहुंचाते रहते हैं॥२२६॥