Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 224 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 224

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 224
Shloka
द्यूतं समाह्वयं चैव यः कुर्यात्कारयेत वा। तान्सर्वान्घातयेद्राजा शूद्रांश्च द्विजलिङ्गिनः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(यः) जो मनुष्य (द्यूतं च समाह्वयम+एव) 'जुआ' और 'समाह्वय (कुर्यात् वा कारयेत) स्वयं खेले या दूसरों से खिलायें (राजा) राजा (तान्' सर्वान्) उन सबको (च) और (द्विजलिङ्गिन: शूद्रान्) कपटपूर्वक द्विजों के वेश धारण करने वाले शूद्रों को (घातयेत्) शारीरिक दण्ड [ताड़ना, अंगच्छेदन आदि दे ॥२२४॥