Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 221 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 221

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 221
Shloka
द्यूतं समाह्वयं चैव राजा राष्ट्रान्निवारयेत्। राजान्तकरणावेतौ द्वौ दोषौ पृथिवीक्षिताम्॥

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1 Bhashyas
Subject
राष्ट्रघातक जूआ आदि का निषेध
Meaning
(राजा) राजा (द्यूतम) जड़ वस्तुओं से बाजी लगाकर खेलने वाले 'जूया' को (च) और (समाह्वयम् + एव) चेतन प्राणियों को दाव पर लगाकर खेले जाने वाले 'समाह्वय' नामक 'जा' का (राष्ट्रात निवारयेत्) अपने देश से समाप्त कर दे क्योंकि (एतौ द्वौ दोषौ) ये दोनों बुराइयां (पृथिवीक्षितां राजान्तकरणौ) राजाओं के राज्य को नष्ट कर देने वाली हैं ॥२२१॥