Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 218 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 218

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 218
Shloka
ऋणे धने च सर्वस्मिन्प्रविभक्ते यथाविधि। पश्चाद्दृश्येत यत्किं चित्तत्सर्वं समतां नयेत्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(सर्वस्मिन् ऋरणे च धने) पिता के सारे ऋण और का (यथाविधि प्रविभक्ते) विधिपूर्वक बंटवारा हो जाने पर (यत् किंचित् पश्चात् दृश्येत) यदि बाद में कुछ ऋण और धन के शेष रहने का पता लगे तो (तत् सर्वं समतां नयेत्) उस सबको भी समानरूप में वांट लें॥२१८॥