Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 213 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 213

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 213
Shloka
यो ज्येष्ठो विनिकुर्वीत लोभाद्भ्रातॄन्यवीयसः। सोऽज्येष्ठः स्यादभागश्च नियन्तव्यश्च राजभिः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(य: ज्येष्ठः) जो बड़ा भाई (यवीयसः भ्रातृन् लोभात् विनिकुर्वीत) छोटे भाइयों को लोभ में आकर ठगे, पूरा भाग न दे तो (सः+अज्येष्ठः) उसे बड़े के रूप में नहीं मानना चाहिए (च) और (अभाग: स्यात्) उसे वड़े भाई के नाम का 'उद्धार भाग' [६|११२-११५] भी नहीं देना चाहिए (च) और (राजभिः नियन्तव्यः) वह राजा के द्वारा दण्डनीय होता है ॥२१३॥