Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 210 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 210

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 210
Shloka
विभक्ताः सह जीवन्तो विभजेरन्पुनर्यदि। समस्तत्र विभागः स्याज्ज्यैष्ठ्यं तत्र न विद्यते॥

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1 Bhashyas
Meaning
सब भाई (विभक्ताः) एक बार विभाग का बंटवारा करके (सहजीवन्तः) फिर सम्मिलित होकर (यदि पुनः विभजेरन्) यदि फिर अलग होना चाहें तो (तत्र समः विभाग: स्यात्) उस स्थिति में सबको समान भाग प्राप्त होगा (तत्र ज्यैष्ठ्यं न विद्यते) तब उसमें ज्येष्ठ भाई का 'उद्धार' भाग [६ | ११२-११५] नहीं होता ॥२१०॥