Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 209 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 209

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 209
Shloka
पैतृकं तु पिता द्रव्यं अनवाप्तं यदाप्नुयात्। न तत्पुत्रैर्भजेत्सार्धं अकामः स्वयं अर्जितम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(पिता तु) यदि कोई पिता (अनवाप्तं पैतृक द्रव्यम्) गहने रखे किसी के द्वारा छोने हुए या मारे हुए अतः दायरूप में प्राप्त पैतृक धन को (यत् + प्राप्नुयात्) जो किसी उपाय से प्राप्त कर ले तो (सार्धम्) सम्मिलित रहते हुए भी (अकामः) यदि वह न चाहे तो (स्वयम् + अर्जितं तत्) अपने श्रम से प्राप्त उस धन को (पुत्रः न भजेन्) सब अपने पुत्रों में अथवा पिता के पुत्रों अर्थात् भाइयों में न बांटे॥२०९॥