Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 205 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 205

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
9/205
Adhyay 9 Shloka 205
Shloka
अविद्यानां तु सर्वेषां ईहातश्चेद्धनं भवेत्। समस्तत्र विभागः स्यादपित्र्य इति धारणा॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
संयुक्त रहते यदि (अविद्यानां तु सर्वेषाम्) बिना पढ़े-लिखे सब भाइयों के (ईहातः चेत् धनं भवेत्) प्रयत्नों [खेती, व्यापार आदि] से धन एकत्रित हुआ हो तो (तत्र अपित्र्यः समः विभाग: स्यात्) उसमें पितृधन को छोड़कर बाकी धन में सबका समान भाग होगा (इति धारणा) ऐसी मान्यता है ॥२०५॥