Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 200 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 200

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
9/200
Adhyay 9 Shloka 200
Shloka
पत्यौ जीवति यः स्त्रीभिरलङ्कारो धृतो भवेत्। न तं भजेरन्दायादा भजमानाः पतन्ति ते॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(पत्यौ जीवति) पति के जीते हुए (स्त्रीभिः यः अलंकारः धृतः भवेत्). स्त्रियों ने जो आभूषण आदि धारण कर लिये हैं। [पति के मर जाने पर ] (दायादा: तं न भजेरन्) माता-पिता के धन के अधिकारी पुत्र आदि [ माता के जीवित रहते] उनको न बंटावें (भजमानाः ते पतन्ति) यदि वे उन्हें लेते हैं तो 'पतित' कहलाते हैं ॥२००॥