Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 199 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 199

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 199
Shloka
न निर्हारं स्त्रियः कुर्युः कुटुम्बाद्बहुमध्यगात्। स्वकादपि च वित्ताद्धि स्वस्य भर्तुरनाज्ञया॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(स्त्रियः) स्त्रियाँ (कुटुम्बात् बहुमध्यगात्) बहुत सदस्यों के कुटुम्ब से चुपके से धन ले-लेकर (निर्हारं न कुर्यु:) अपने लिए धनसंग्रह और व्यय न करें (च) और (स्वकात् वित्तात् अपि हि) अपने धन में से भी (स्वस्य भर्त:-+अनाजया) अपने पति की आज्ञा के बिना व्यय न करें॥१९९॥