Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 196 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 196

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 196
Shloka
ब्राह्मदैवार्षगान्धर्व प्राजापत्येषु यद्वसु। अप्रजायां अतीतायां भर्तुरेव तदिष्यते॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(ब्रह्म-दैव-प्रार्षं- गान्धर्व-प्राजापत्येषु यत् वसु) ब्राह्म, दैव, आर्ष, गान्धर्व, प्राजापत्य विवाहों में जो स्त्री को धन प्राप्त हुआ है (अप्रजायाम्+अतीतायाम्) स्त्री के सन्तानहीन मर जाने पर (तत् भर्तु: + एव इष्यते) उस धन पर पति का ही अधिकार माना गया है १९६॥