Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 194 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 194

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
9/194
Adhyay 9 Shloka 194
Shloka
अध्यग्न्यध्यावाहनिकं दत्तं च प्रीतिकर्मणि। भ्रातृमातृपितृप्राप्तं षड्विधं स्त्रीधनं स्मृतम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(स्त्रीधनं षड्विधं स्मृतम्) स्त्रीधन छह प्रकार का माना गया है- १.(अध्यग्नि) विवाहसंस्कार के समय दिया गया धन, २. (अध्यावाहनिकम्) पति के घर लायी जाती हुई कन्या को प्राप्त हुआ पिता के घर का धन, ३. (प्रीति कर्मणि च दत्तम्) प्रसन्नता के किसी अवसर पर पति आदि के द्वारा दिया गया धन, (भ्रातृ-पितृ-मातृ-प्राप्तम्) ४. भाई से प्राप्त धन, ५. पिता से प्राप्त धन, ६. माता से प्राप्त धन ॥१९४॥