Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 147 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 147

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
9/147
Adhyay 9 Shloka 147
Shloka
या नियुक्तान्यतः पुत्रं देवराद्वाप्यवाप्नुयात्। तं कामजं अरिक्थीयं वृथोत्पन्नं प्रचक्षते॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(या अनियुक्ता) जो स्त्री नियोगविधि के बिना (अन्यतः वा देवरात् अपि) अन्य सजातीय पुरुष से या देवर से भी (पुत्रम् अवाप्नुयात्) पुत्र प्राप्त करे (तम्) उस पुत्र को (कामजं वृथोत्पन्नम् अरिक्थीयम्) 'कामज' = कामवासना के वशीभूत होकर उत्पन्न किया गया, 'वृथोत्पन्न' = व्यर्थ में उत्पन्न और पितृधन का अनधिकारी (प्रचक्षते) कहते हैं॥१४७॥