Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 141 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 141

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 141
Shloka
उपपन्नो गुणैः सर्वैः पुत्रो यस्य तु दत्त्रिमः। स हरेतैव तद्रिक्थं संप्राप्तोऽप्यन्यगोत्रतः॥

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1 Bhashyas
Subject
दत्तकपुत्र के दायभाग का विधान
Meaning
(यस्य तु दत्रिमः पुत्रः) जिसका 'दत्तक' = गोद लिया हुआ पुत्र (सर्वे: गुणैः उपपन्नः) सभी श्रेष्ठ या वर्णोचित पुत्रगुणों से [६ | १३८] सम्पन्न हो, (अन्यगोत्रतः सम्प्राप्तः + अपि) चाहे वह दूसरे वंश का ही क्यों न हो (सः तत् रिक्थं हरेत एव) वह उस गोद लेने वाले पिता के धन को निश्चित रूप से प्राप्त करता है ॥१४१॥