Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 131 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 131

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 131
Shloka
मातुस्तु यौतकं यत्स्यात्कुमारीभाग एव सः। दौहित्र एव च हरेदपुत्रस्याखिलं धनम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(मातुः तु यत् यौतकं स्यात्) माता का जो [विवाह आदि के अवसर पर पिता-भाई से प्राप्त ] धन होता है (सः कुमारीभाग: एव) वह कन्या का ही भाग होता है (च) तथा (अपुत्रस्य अखिलं धनं दौहित्रः एव हरेत्) पुत्रहीन नाना के सम्पूर्ण धन को घेवता ही प्राप्त कर लेवे॥१३१॥