Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 13 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 13

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 13
Shloka
पानं दुर्जनसंसर्गः पत्या च विरहोऽटनम्। स्वप्नोऽन्यगेहवासश्च नारीसंदूषणानि षट्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(पानम्) मद्य, भांग आदि मादक द्रव्यों का पीना, (दुर्जनसंसर्गः) दुष्टपुरुषों का संग, (पत्या च विरहः) पतिवियोग, (अटनम्) अकेली जहां-तहां व्यर्थ पाखंडी आदि के दर्शन-मिस से फिरती रहना, (च) और (स्वप्न: + अन्यगेहवास:) पराये घर में जाके शयन करना वा वास (षट् नारीसन्दूषणानि) ये छः स्त्री को दूषित करनेवाले दुर्गुण हैं ॥१३॥(स० प्र० चतुर्थ समु०)