Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 12 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 12

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 12
Shloka
अरक्षिता गृहे रुद्धाः पुरुषैराप्तकारिभिः। आत्मानं आत्मना यास्तु रक्षेयुस्ताः सुरक्षिताः॥

Bhashya

Meaning
क्योंकि (आप्तकारिभिः पुरुषः) प्राप्तकर्ता पति आदि पुरुषों द्वारा (गृहे रुद्धाः) घर में रोककर रखी हुई स्त्रियां भी (असुरक्षिताः) असुरक्षित हैं = बुराइयों से बच नहीं पातीं (या: तु) जो (आत्मानम् आत्मना रक्षेयुः) अपनी रक्षा स्वयं करती हैं (ताः सुरक्षिताः) वस्तुतः वही [बुराई से] सुरक्षित रहती हैं॥१२॥