Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 119 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 119

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 119
Shloka
अजाविकं सैकशफं न जातु विषमं भजेत्। अजाविकं तु विषमं ज्येष्ठस्यैव विधीयते॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(अजा + अविकम् स + एकशकं विषमम्) बकरी, भेड़, घोड़ी आदि के विषम होने पर (न जातु भजेत्) उन्हें [ बेचकर धनराशि के रूप में] विभाजित न करें (विषमम् प्रजाविकं तु) विषम रूप में बचे बकरी-भेड़ आदि पशु (ज्येष्ठस्य + एव विधीयते) बड़े भाई को ही प्राप्त होते हैं ॥११९॥