Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 116 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 116

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 116
Shloka
एवं समुद्धृतोद्धारे समानंशान्प्रकल्पयेत्। उद्धारेऽनुद्धृते त्वेषां इयं स्यादंशकल्पना॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(एवम् उद्धारे समुद्धृते) इस प्रकार [६।११२ – ११३] 'उद्धार' [=अतिरिक्त धनविशेष] के निकालने के (समान्-अंशान प्रकल्पयेत्) शेष धन को समान भागों में बांट ले, (तु उद्धारे अनुद्धते) यदि 'उद्धार' पृथक् से नहीं निकालें तो (एषाम् अंशकल्पना इमं स्यात्) उन भाइयों के भाग का बंटवारा इस प्रकार करे ॥११६॥