Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 111 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 111

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 111
Shloka
एवं सह वसेयुर्वा पृथग्वा धर्मकाम्यया। पृथग्विवर्धते धर्मस्तस्माद्धर्म्या पृथक्क्रिया॥

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1 Bhashyas
Meaning
(एवम्) इस प्रकार (सह वसेयुः) सब भाई साथ मिलकर [६|१०५-११०] रहें (वा) अथवा (धर्यकाम्यया) धर्म की कामना से (पृथक्) अलग-अलग [६| १०४] रहें । (पृथक् धर्म: विवर्धते) पृथक्-पृथक् रहने से धर्म का [ सबके द्वारा अलग-अलग पञ्चमहायज्ञ आदि करने के कारण] विस्तार होता है (तस्मात्) इस कारण (पृथक् क्रिया धर्म्या) पृथक् रहना भी धर्मानुकूल है॥१११॥