Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 105 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 105

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 105
Shloka
ज्येष्ठ एव तु गृह्णीयात्पित्र्यं धनं अशेषतः। शेषास्तं उपजीवेयुर्यथैव पितरं तथा॥

Bhashya

Meaning
[अथवा सम्मिलितरूप में रहना हो तो] (पित्र्यं धनम् अशेषत: ज्येष्ठ एव तु गृह्णीयात्) पिता के सारे धन को बड़ा पुत्र ही ग्रहण करले (शेषाः) और बाकी सब भाई (यथैव पितरम्) जैसे पिता के साथ रहते थे (तथा तम् उपजीवेयुः) उसी प्रकार बड़े भाई के साथ रहकर जीवन चलावे ॥१०५॥