Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 103 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 103

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 103
Shloka
एष स्त्रीपुंसयोरुक्तो धर्मो वो रतिसंहितः। आपद्यपत्यप्राप्तिश्च दायधर्मं निबोधत॥

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Subject
(१७) दायभाग विवाद- वर्णन (8 | १०३-२१६)
Meaning
(एषः) यह [६ | १ से १०२ पर्यंन्त ] (स्त्रीपु सयोः) स्त्री-पुरुष के (रतिसंहितः धर्म:) रति = स्नेह या संयोग सहित [वियोगकाल के भो] धर्म (च) और (आदि + अपत्यप्राप्तिः) आपत्काल में नियोगविधि से सन्तान प्राप्ति [६ । ५६६३] की वात (वः उक्तः) तुमसे कही । (दायभागं निबोधत) अब दायभाग का विधान सुनो -॥१०३॥