Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 10 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 10

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 10
Shloka
न कश्चिद्योषितः शक्तः प्रसह्य परिरक्षितुम्। एतैरुपाययोगैस्तु शक्यास्ताः परिरक्षितुम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(कश्चित्) कोई भी व्यक्ति (प्रसह्य) जबरदस्ती या दबाव के साथ (योषितः परिरक्षितुं न शक्तः) स्त्रियों की | [कुसंगों] से रक्षा नहीं कर सकता (तु) किन्तु (एतैः + उपाययोगः) इन लागे कहे उपायों में लगाने से (ताः परिरक्षितुं शक्याः) उनकी रक्षा की जा सकती है—॥१०॥