Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 81 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 81

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 81
Shloka
सत्यं साक्ष्ये ब्रुवन्साक्षी लोकानाप्नोति पुष्कलान्। इह चानुत्तमां कीर्तिं वागेषा ब्रह्मपूजिता॥

Bhashya

Meaning
(साक्षी) जो साक्षी (सत्यं ब्र वन्) सत्य बोलता है (पुष्कलान् लोकान् प्राप्नोति) वह जन्मान्तर में उत्तम जन्म, और उत्तम लोकान्तरों में जन्म को प्राप्त होके सुख भोगता है (इह च अनुत्तमां कीर्तिम्) इस जन्म वा परजन्म में उत्तम कीर्ति को प्राप्त होता है (एषा वाक् ब्रह्मपूजिता) क्योंकि जो यह वारणी है वही वेदों में सत्कार और तिरस्कार का कारण लिखी है। जो सत्य बोलता है वह प्रतिष्ठित और मिथ्यावादी निन्दित होता है॥८१॥(स० प्र० षष्ठ समु०) * (साक्ष्ये) साक्ष्य-व्यवहार में.........