Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 80 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 80

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 80
Shloka
यद्द्वयोरनयोर्वेत्थ कार्येऽस्मिंश्चेष्टितं मिथः। तद्ब्रूत सर्वं सत्येन युष्माकं ह्यत्र साक्षिता॥

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Meaning
हे साक्षि लोगो ! (अस्मिन् कार्ये) इस कार्य में (योः द्वयोः मिथः चेष्टितम्) इन दोनों के परस्पर कर्मों में (यत् वेत्थ) जो तुम जानते हो (तत्) उसको (सत्येन ब्रत) सत्य के साथ बोलो (हि) क्योंकि (युष्माकम्) तुम्हारी (अ) इस कार्य में (साक्षिता) साक्षी है॥८०॥(स० प्र० षष्ठ समु०)(सर्वम्) सब.....