Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 78 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 78

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 78
Shloka
स्वभावेनैव यद्ब्रूयुस्तद्ग्राह्यं व्यावहारिकम्। अतो यदन्यद्विब्रूयुर्धर्मार्थं तदपार्थकम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(तद् ग्राह्यम्) साक्षी के उस वचन को मानना (यत्) जो (स्वभावेन + एव व्यावहारिक ब्रूयुः) स्वभाव ही से व्यवहारसम्बन्धी वोर्ले (अतः + अन्यत् +यत् + विब्रू युः) और सिखाये हुए, इससे भिन्न जो-जो वचन बोलें (तत्) उसउसको (8 अपार्थकम्) न्यायाधीश व्यर्थ समझे॥७८॥ (स० प्र० षष्ठ समु०) * (धर्मार्थम) सही न्याय के हेतु ......