Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 76 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 76

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 76
Shloka
यत्रानिबद्धोऽपीक्षेत शृणुयाद्वापि किं चन। पृष्टस्तत्रापि तद्ब्रूयाद्यथादृष्टं यथाश्रुतम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(अनिवद्ध: अपि) साक्षी के रूप में न बुलाये जाने पर भी [वादी वा प्रति वादी के द्वारा ] (यत्र किञ्चन ईक्षेत अपि वा शृणुयात्) जहाँ कुछ भी देखा या सुना हो (पृष्टः) न्यायाधीश के पूछने पर (तत्र + अपि) वहां (यथादृष्टं यथाश्रुतं तद् ब्र यात्) जैसा देखा या सुना है वैसा ही कह दे अर्थात् न्याय के लिए स्वयं साक्षीरूप में पंहुच जाये॥७६॥