Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 73 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 73

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 73
Shloka
बहुत्वं परिगृह्णीयात्साक्षिद्वैधे नराधिपः। समेषु तु गुणोत्कृष्टान्गुणिद्वैधे द्विजोत्तमान्॥

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Meaning
(साक्षिद्वैधे बहुत्वम्) दोनों ओर के साक्षियों में से बहुपक्षानुसार (समेषु तु गुणोत्कृष्टान्) तुल्य साक्षियों में उत्तम गुरगी पुरुष की साक्षी के अनुकूल (गुरिणद्वेधे द्विजोत्तमान्) और दोनों के साक्षी उत्तमगुणी और तुल्य हों तो द्विजोत्तम अर्थात् ऋषि महर्षि और यतियों की साक्षी के अनुसार न्याय करे॥७३॥(नराधिपः) राजा या न्यायाधीश...... (स० प्र० षष्ठ समु०)