Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 72 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 72

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 72
Shloka
साहसेषु च सर्वेषु स्तेयसंग्रहणेषु च। वाग्दण्डयोश्च पारुष्ये न परीक्षेत साक्षिणः॥

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1 Bhashyas
Meaning
(सर्वेषु साहसेषु) जितने बलात्कार के काम, (स्तेयसंग्रहणेषु च) चोरी, व्यभिचार (वाक्दण्डयो: च पारुष्ये) कठोरवचन, दंडनिपातनरूप अपराध हैं (साक्षिणः न परीक्षेत) उनमें साक्षी की परीक्षा न करे। और अत्यावश्यक भी समझें, क्योंकि ये काम सब गुप्त होते हैं॥७२॥(स ० प्र ० षष्ठ समु०)