Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 52 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 52

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 52
Shloka
अपह्नवेऽधमर्णस्य देहीत्युक्तस्य संसदि। अभियोक्ता दिशेद्देश्यं करणं वान्यदुद्दिशेत्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Subject
ऋणदाता से ऋरण के लेख आदि प्रमाण मांगना
Meaning
(संसदि) न्यायालय में ('देहि +इति' +उक्तस्य) न्यायाधीश के द्वारा 'महाजन का धन दे दो' ऐसा कहने पर (अधमर्णस्य अपह्नवे) यदि कर्जदार कर्ज लेने से मुकरने की बात कहे तो (अभियोक्ता) मुकद्दमा करने वाला महाजन (देश्यम्) प्रत्यक्षदर्शी साक्षी = गवाह को (दिशेत्) पेश करे (वा) और (अन्यत् करणम् उद्दिशेत्) अन्य प्रमाण भी प्रस्तुत करे॥५२॥