Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 408 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 408

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 408
Shloka
यन्नावि किं चिद्दाशानां विशीर्येतापराधतः। तद्दाशैरेव दातव्यं समागम्य स्वतोऽंशतः॥

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Meaning
(दाशानाम् अपराधतः) मल्लाहों की गलती से (नावि यत् किंचित् विशीर्येत) नाव में जो कुछ यात्रियों को हानि हो जाये (तत् + दाशै: +एव) उसे मल्लाहों ने (समागम्य स्वतोंशतः दातव्यम्) मिलकर अपने-अपने हिस्से में से पूरा करना चाहिए॥४०८॥