Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 406 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 406

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 406
Shloka
दीर्घाध्वनि यथादेशं यथाकालं तरो भवेत्। नदीतीरेषु तद्विद्यात्समुद्रे नास्ति लक्षणम्॥

Bhashya

Meaning
(दीर्घ + अध्वनि) नदी का लम्बा रास्ता पार करने के लिए (यथादेशम्) स्थान के अनुसार [तेज बहाव, मन्द प्रवाह, दुर्गम स्थल आदि] (यथाकालम्) समय के अनुसार [सर्दी, गर्मी, रात्रि आदि] (तरः भवेत्) किराया निश्चित होना चाहिए (तत् नदीतीरेषु विद्यात्) यह नियम नदी तट के लिए समझना चाहिए (समुद्रे नास्ति लक्षणम्) समुद्र में यह नियम नहीं है अर्थात् समुद्र वहाँ की स्थिति के अनुसार किराया निश्चित करना चाहिए॥४०६॥