Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 405 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 405

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
8/405
Adhyay 8 Shloka 405
Shloka
भाण्डपूर्णानि यानानि तार्यं दाप्यानि सारतः। रिक्तभाण्डानि यत्किं चित्पुमांसश्चापरिच्छदाः॥

Bhashya

Meaning
(भाण्डपूर्णानि यानानि तायं सारतः दाप्यानि) वस्तुओं से भरी हुई गाड़ियों को पार उतारने का किराया उनके भारी और हल्केपन के अनुसार देवे (रिक्तभाण्डानि) खाली बर्तन (च अपरिच्छदाः पुमाँस:) और निर्धन व्यक्ति (यत् किंचित्) इनका थोड़ा सा किराया ले लेवे ॥४०५॥