Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 401 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 401

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 401
Shloka
आगमं निर्गमं स्थानं तथा वृद्धिक्षयावुभौ। विचार्य सर्वपण्यानां कारयेत्क्रयविक्रयौ॥

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Meaning
(आगमं निर्गमं स्थानं तथा वृद्धिक्षयौ+उभौ) वस्तुओं के आने, जाने, रखने का स्थान, लाभवृद्धि तथा हानि (सर्वपण्यानां विचार्य) खरीद-बेचने की वस्तुओं से सम्बन्धित सभी बातों पर विचार करके (क्रय-विक्रयो कारयेत्) राजा मूल्य निश्चित करके वस्तुओं का क्रयविक्रय कराये॥४०१॥