Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 389 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 389

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 389
Shloka
न माता न पिता न स्त्री न पुत्रस्त्यागं अर्हति। त्यजन्नपतितानेतान्राज्ञा दण्ड्यः शतानि षट्॥

Bhashya

Meaning
(न माता न पिता न स्त्री न पुत्रः त्यागम् + अर्हति) न माता, न पिता, न स्त्री और न पुत्र त्यागने योग्य होते हैं (अपतितान् एतान् त्यजन्) अपतित अर्थात् निर्दोष होते हुए जो इनको छोड़े तो (राज्ञा षट् शतानि दंडयः) राजा के द्वारा उस पर छह सौ परण दंड किया जाना चाहिए॥३८९॥