Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 36 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 36

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 36
Shloka
अनृतं तु वदन्दण्ड्यः स्ववित्तस्यांशं अष्टमम्। तस्यैव वा निधानस्य संख्ययाल्पीयसीं कलाम्॥

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1 Bhashyas
Meaning
(अनृतं तु वदन्) अगर कोई झूठ बोले अर्थात् किसी धन पर झूठा दावा करे या झूठ ही अपना बतलावे तो ऐसे अपराधी को (स्ववित्तस्य अष्टमम् अंश दण्ड्यः) अपना कहे जाने वाले उस धन का आठवां भाग जुर्माना करे (वा) अथवा (संख्याय) हिसाब लगाकर (तस्य + एव निधानस्य अल्पीयसीं कलां) उस दावे वाले धन का कुछ भाग जुर्माना करे॥३६॥