Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 354 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 354

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 354
Shloka
परस्य पत्न्या पुरुषः संभाषां योजयन्रहः। पूर्वं आक्षारितो दोषैः प्राप्नुयात्पूर्वसाहसम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(पूर्वं दोषैः प्रक्षारितः पुरुषः) जो व्यक्ति पहले परस्त्री-गमनसम्बन्धी दोषों में अपराधी सिद्ध हो चुका है (रहः परस्य पत्न्या संभाषां योजयन्) यदि वह एकान्त स्थान में पराई स्त्री के साथ बातचीत की योजना में लगा मिले तो (पूर्वसाहसं प्राप्नुयात्) उसको 'पूर्वसाहस' [८।१३८] का दण्ड देना चाहिए ॥३५४॥