Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 35 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 35

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 35
Shloka
ममायं इति यो ब्रूयान्निधिं सत्येन मानवः। तस्याददीत षड्भागं राजा द्वादशं एव वा॥

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Meaning
(निधिम) चोरी से प्राप्त धनको (यः मानवः) जो मनुष्य (अयं मम + इति सत्येन ब्र यात्) रंग, रूप, तोल, संख्या आदि की ठीक पहचान के द्वारा 'यह वास्तव में मेरा है' ऐसा सच-सच बतलादे तो (राजा) राजा (तस्य षड्भागं वा द्वादशम् एव आदतीत) उस धन में से छठा या वारहवाँ भाग कर के रूप में लेले और शेष धन उसके स्वामी को लौटा दे॥३५॥