Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 346 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 346

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 346
Shloka
साहसे वर्तमानं तु यो मर्षयति पार्थिवः। स विनाशं व्रजत्याशु विद्वेषं चाधिगच्छति॥

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Meaning
(यः पार्थिवः) जो राजा (साहसे वर्तमानं तु मर्षयति) साहस में वर्तमान पुरुष को न दंड देकर सहन करता है (स: प्राशु विनाशं व्रजति) वह राजा शीघ्र ही नाश को प्राप्त होता है (च) और (विद्वेषम् + अधिगच्छति) राज्य में द्वेष उठता है ॥३४६॥(स० प्र० षष्ठ समु०)