Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 343 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 343

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
8/343
Adhyay 8 Shloka 343
Shloka
अनेन विधिना राजा कुर्वाणः स्तेननिग्रहम्। यशोऽस्मिन्प्राप्नुयाल्लोके प्रेत्य चानुत्तमं सुखम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(राजा) राजा (अनेन विधिना) इस उपर्युक्त [८ । ३०२-३४२] विधि से (स्तेननिग्रहं कुर्वारण:) चारों को नियन्त्रित एवं दण्डित करता हुआ (अस्मिन् लोके यशः) इस जन्म में या लोक में यश को (च) और (प्रेत्य) परजन्म में (अनुत्तमं सुखम्) अच्छे सुख को (प्राप्नुयात्) प्राप्त करता है ॥३४३॥